सिलाई प्रशिक्षण के नाम किया गया लाखों का वारा न्यारा अमलोरी के सीएसआर विभाग का एक और कारनामा

सिलाई प्रशिक्षण के नाम किया गया लाखों का वारा न्यारा


अमलोरी के सीएसआर विभाग का एक और कारनामा


विराट वसुंधरा सिंगरौली ब्यूरो रिपोर्ट अवनीश तिवारी
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सिंगरौली -: जिले में कार्यरत नार्दन कोलफील्ड्स लिमिटेड की अमलोरी परियोजना इन दिनों अपने सीएसआर विभाग के अधिकारी की कारगुजारीयों से चर्चा में है फिर चाहे वह स्वच्छता के नाम पर की जा रही हीला-हवाली हो या फिर धरातल की हकीकत से परे सोशल मीडिया में किए जा रहे प्रचार प्रसार का मामला, इसी क्रम में परियोजना के सीएसआर विभाग द्वारा संचालित की गई सिलाई प्रशिक्षण गतिविधि के लिए खरीदी की गई सिलाई मशीनों को लेकर विभाग एक बार पुनः सुर्खियों में आ गया है |


तत्संबंध में विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं सीएसआर एनसीएल अमलोरी के संयुक्त तत्वावधान में परियोजना से प्रभावित महिलाओं के उत्थान के लिए सिलाई प्रशिक्षण का कार्यक्रम निहित किया गया है जहां एनसीएल अमलोरी परियोजना के आसपास स्थित गांव जैसे अमझर, नंदगांव एवं अमलोरी बस्ती  की महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एनसीएल अम्लोरी के द्वारा उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा था, हालांकि यह प्रशिक्षण राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है लेकिन प्रशिक्षण उपरांत संबंधित महिलाओं को सिलाई मशीन देना प्रस्तावित है जिसमें सीएसआर विभाग के अधिकारियों ने घटिया किस्म की सस्ती मशीनों की खरीदी कर अपने निजी स्वार्थ के लिए इन मशीनों का वितरण करने की योजना बना रखी है लेकिन प्रशिक्षण में भाग ले रही कई महिलाओं ने दबी जुबान इसका विरोध किया है साथ ही स्थानीय जनों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यदि परियोजना के द्वारा प्रशिक्षण के बाद अच्छी मशीनें दिए जाने का प्रस्ताव दिया गया था तो उसकी जगह पर घटिया मशीनों का वितरण क्यों किया जा रहा है, क्या सीएसआर विभाग में पदस्थ कमीशनखोर अधिकारियों की वजह से स्थानीय विस्थापित हितग्राहियों का हक मारा जाएगा|
इस संबंध में अम्लोरी परियोजना के कई कर्मचारी नेताओं ने यह बात स्पष्ट करते हुए बताया कि यदि समय रहते सीएसआर विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही इस हीला हवाली पर परियोजना प्रमुख गंभीरता से विचार विमर्श नहीं करते तो आगामी समय में परियोजना को इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है||